गाजीपुर (ब्यूरो)। जनपद में 'फार्मर रजिस्ट्री' (किसान पहचान पत्र) अभियान में लापरवाही बरतने वाले राजस्व कर्मियों के खिलाफ जिलाधिकारी ...
गाजीपुर (ब्यूरो)। जनपद में 'फार्मर रजिस्ट्री' (किसान पहचान पत्र) अभियान में लापरवाही बरतने वाले राजस्व कर्मियों के खिलाफ जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। कार्य में शिथिलता बरतने पर दो लेखपालों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि दो के खिलाफ विभागीय जांच और तीन को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन की इस सख्ती ने राजस्व महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
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| Purvanchal Samachar |
इन लेखपालों पर गिरी गाज, प्रशासन का सख्त संदेश
जिलाधिकारी महोदय ने जगदीशपुर विद्यापति की लेखपाल अनुराधा यादव और जरगो के लेखपाल आमोद प्रकाश को सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा बिराइच के नरेंद्र उपाध्याय और नवदर के सूरज यादव के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है। वहीं, शिवदीप झा, राजू राम और दुष्यंत सिंह को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। डीएम ने स्पष्ट किया है कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
1.48 लाख किसान अब भी शेष, रुक सकती हैं सरकारी सुविधाएं
जनपद के कुल 5.71 लाख किसानों के सापेक्ष अब तक 4.22 लाख किसानों की आईडी बन चुकी है। हालांकि, अभी भी करीब 1.48 लाख किसान इस प्रक्रिया से बाहर हैं। 8 अप्रैल के शासनादेश के अनुसार, अब बिना 'फार्मर आईडी' के किसानों को उर्वरक, बीज, कृषि यंत्र, गेहूं विक्रय और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा।
नाम में अंतर और तकनीकी खामियों के लिए तहसील प्रशासन मुस्तैद
डीएम ने किसानों से अपील की है कि वे खाद और बीज से वंचित होने से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना किसान पहचान पत्र बनवाएं। आधार और खतौनी में नाम के अंतर या अंश निर्धारण जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए लेखपाल से लेकर एसडीएम तक पूरा तहसील प्रशासन सुधार कार्य में लगा हुआ है।
